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राजमाता हीराबेन को श्रद्धा व अश्रू से आदरंजली..., माँ तेरे चरणामृत से मेरा जीवन व राष्ट्र विभूतित तुम्हारे शतायु वर्ष के त्याग व वात्सल्य की तपस्या से मैं अभिभूत व नवयुग की प्रेरणा को मेरा माल्यापर्ण

एक माँ ने लोगों के घरों में फ़र्श से बर्तन धोकर …, चमकाकर … ग़रीबी को सुहाग का गहना से अपनीं पीढ़ी के दिनों को सुहावना बनाने के अनथके अथक प्रयास से अपने बेटे को प्रेरणा देकर कि ग़रीबी अभिशाप नही अनवरत प्रयास से कर्मों को चमकाकर जीवन को अर्श तक पहुँचाया जा सकता है … रा जमाता हीराबेन को श्रद्धा व अश्रू से आदरंजली —————————— माँ तेरे चरणामृत से मेरा जीवन व राष्ट्र विभूतित तुम्हारे शतायु वर्ष के त्याग व वात्सल्य की तपस्या से मैं अभिभूत व नवयुग की प्रेरणा को मेरा माल्यापर्ण Mother, my life and the nation are enlightened by your feet I am overwhelmed by the sacrifice of your centenary years and the austerity of affection and my wreath to the inspiration of the new age.   प्रयत्न व साभार www.meradeshdoooba.com  
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क्या..., 80 दिनों की पुतिन की जंग..., रंग लायेगी..., PUNCHING – BAG बनी काँटेदार राह… ताजा खबर- यूक्रेन, खारकीव का जीता हुआ भाग छोड़कर भागी रूसी सेना..

  क्या... , 80 दिनों की पुतिन की जंग... , रंग लायेगी... , PUNCHING – BAG बनी काँटेदार राह … ताजा खबर- यूक्रेन ,   खारकीव का जीता हुआ भाग छोड़कर भागी रूसी सेना...   वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के कांटेदार चेहरे को नष्ट करने के लिए पुतिन   अपने हाथों से खून निकलने के बावजूद …,   मैं अपने पाँवों में खून से सने छाप से बदला लूँगा की कसम खाई है , में   सफल होंगे ...!!!! या युद्ध का खुमार से अब बीमार पुतिन का तख्तापलट हो जाएगा

यह लेख प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को आगाह करने वाला है,अब प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 11 जनवरी की पुनरावृति होते होते बची और एक बार फिर पुष्टि हो गई है कि देश का खुफिया तंत्र कमजोर व देश विदेश का माफिया तंत्र जातिवाद भाषावाद अलगाव वाद से देश को खंडित करने के उद्धेस्य से देश पर हावी हो गया है

  यह लेख   प्रधानमंत्री मोदी    की सुरक्षा को आगाह करने वाला है देश की मीडिया में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 11 जनवरी की पुण्य तिथि की कोई चर्चा नही !!! , वह तो   देश के पाँच प्रदेशों में अपना खर्चा व मुनाफ़े के जुगाड़ में लगी है  इसका एक ही निदान है यदि इस समस्या को   सेना के हवाले कर दिया जाय व जो देश का जवान व किसान माफियाओं के चंगुल में फँसकर अपनी शक्ति गँवाते जा रहा है …!!! अब उसमें भी जय का खून प्रवाहित होकर देश भर में जय की गूंज से देश   चंद दिनों में दिव्यमान से विश्वगुरू बन   जाएगा ============== ११ जनवरी १९६६ ... ,  एक महान आत्मा का अंत .. ,  चाय पर चर्चा अपने घर से खर्चा ...,  जी हाँ एक प्रधानमंत्री ने फिल्म अभिनेता मनोज कुमार को अपने घर चाय पर चर्चा अपने खर्चा पर बुलाकर कहा ... , “ मनोज जी मैं न तो जवान दिखता हूँ न किसान.. ,  लकिन १९६५ की पाकिस्तान से युद्ध में विजय की इस ज्वाला से किसान व जवानों के हौसले बुलंद रहें .. ,  आप ऐसी फिल्म बनाओं ताकि इस मशाल के अन्वरित गाथा से हम पुन: इस विदेशी हाथ.साथ विचार संस्कार से देश पुन: इस बेडी में न फंसे .. ,”  

यह लेख प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को आगाह करने वाला है,अब प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 11 जनवरी की पुनरावृति होते होते बची और एक बार फिर पुष्टि हो गई है कि देश का खुफिया तंत्र कमजोर व देश विदेश का माफिया तंत्र जातिवाद भाषावाद अलगाव वाद से देश को खंडित करने के उद्धेस्य से देश पर हावी हो गया है

  यह लेख मोदी की सुरक्षा को आगाह करने वाला है देश की मीडिया में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 11 जनवरी की पुण्य तिथि की कोई चर्चा नही देश के पाँच प्रदेशों मेन में अपना खर्चा व मूणाफ़े मुनाफ़े के जुगाड़ में लगी है अब प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 11 जनवरी की पुनरावृति होते होते बची और एक बार फिर पुष्टि हो गई है कि   का खुफिया तंत्र कमजोर व देश विदेश का माफिया तंत्र जातिवाद भाषावाद अलगाव वाद देश को खंडित करने के उद्धेस्य से देश पर हावी हो गया है ============== ११ जनवरी १९६६ ... , एक महान आत्मा का अंत .. , चाय पर चर्चा अपने घर से खर्चा ... , जी हाँ एक प्रधानमंत्री ने फिल्म अभिनेता मनोज कुमार को अपने घर चाय पर चर्चा अपने खर्चा पर बुलाकर कहा ... , “ मनोज जी मैं न तो जवान दिखता हूँ न किसान.. , लकिन १९६५ की पाकिस्तान से युद्ध में विजय की इस ज्वाला से किसान व जवानों के हौसले बुलंद रहें .. , आप ऐसी फिल्म बनाओं ताकि इस मशाल के अन्वरित गाथा से हम पुन: इस विदेशी हाथ.साथ विचार संस्कार से देश पुन: इस बेडी में न फंसे .. ,”   ११ जनवरी १९६६ में शास्